अनिता कर्ण
अनिता कर्ण
सोमवार, 12 अप्रैल 2010
चिरकुटानंद स्वामी
चिरकुट-कामचोर,
पॉकेट में हाथ,
हर वक्त होते बॉस के साथ,
काम का बस करते शोर,
ये चिरकुट-कामचोर,
मुंह में हरदम गुटका और पान,
यही है चिरकुट की पहचान
गुरुवार, 8 अप्रैल 2010
गिरगिट सा रंग
जब मैं छोटी थी,
जब कहीं गिरगिटों को देखती,
अपनी आंखें गड़ा देती,
जानना चाहती,
गिरगिट कैसे रंग बदलते हैं,
अब आंखें नहीं गड़ाती,
फिर भी देख लेती हूं,
गिरगिटों को रंग बदले।
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